पटना : पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले जन सुराज ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि उसके करीब 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस और एसटीएफ ने हिरासत में ले लिया है। इस मामले को लेकर जन सुराज ने 182-बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के पुलिस पर्यवेक्षक (Election Observer) को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
चुनाव पर्यवेक्षक को भेजे पत्र में क्या कहा गया?
जन सुराज ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ता पटना अपने निजी कार्य या परिजनों से मिलने आए थे, लेकिन उन्हें एकतरफा कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया गया। पार्टी का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए चुनाव पर्यवेक्षक तत्काल मामले का संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दें।
इन नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम का किया गया उल्लेख
जन सुराज ने अपने पत्र में जिन लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है, उनमें प्रमुख रूप से—
- प्रत्यूष पूर्व – जक्कनपुर थाना द्वारा हिरासत में लेने का आरोप।
- वरुण कुमार (खगड़िया निवासी) – पीरबहोर थाना द्वारा कार्रवाई का दावा।
- अभय शर्मा (मोतिहारी निवासी) – जक्कनपुर थाना द्वारा हिरासत में लेने का आरोप।
- विकास सिंह
- अमीर इम्तियाज़
- मनीष झा
- सुदर्शन मिश्रा
पार्टी का आरोप है कि इनमें से कुछ लोगों को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भी हिरासत में लिया।
प्रशांत किशोर पहले भी उठा चुके हैं यह मुद्दा
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा चुके हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव से पहले उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हाल के दिनों में प्रशांत किशोर ने पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग के समक्ष भी कई शिकायतें दर्ज कराई थीं।
पुलिस का पक्ष अभी आना बाकी
जन सुराज के आरोपों के बावजूद पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जिन लोगों के नाम पार्टी ने पत्र में लिखे हैं, उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया या उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
क्यों अहम है यह मामला?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे समय में विपक्षी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के आरोपों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह चुनावी निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े कर सकता है, जबकि प्रशासन का पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
आगे क्या होगा?
जन सुराज ने चुनाव पर्यवेक्षक से पूरे मामले की जांच कराने और हिरासत में लिए गए नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया पर हैं। यदि शिकायत पर संज्ञान लिया जाता है, तो मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।